12 अगस्त को मनाई जाएगी कजरी तीज, सभी 12 राशियों के लिए खास उपाय

कजरी तीज साल में केवल एक बार आती है और यह दिन विवाहित व्रतधारिणी महिलाओं के साथ-साथ कुंवारी कन्याओं के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख के लिए रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु इसे करती हैं।

पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष कजरी तीज का पर्व 12 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से माता पार्वती की कृपा सहज ही प्राप्त हो सकती है।

मेष राशि


इस दिन माता पार्वती को लाल गुलाब के फूल, लाल चूड़ियां और लाल रंग की साड़ी या चुनरी अर्पित करें। यह आपकी वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौभाग्य बढ़ाएगा।

वृषभ राशि


शाम के समय पार्वती माता के समक्ष घी के पांच दीपक जलाएं और इत्र अर्पित करें। इससे पारिवारिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी।

मिथुन राशि

हरी बिंदी और हरी चूड़ियां माता को चढ़ाएं। हरे रंग का यह अर्पण आपके रिश्तों में स्थिरता और प्रेम लाएगा।

कर्क राशि

अपने जीवनसाथी के साथ पार्थिव शिवलिंग बनाएं, उसे गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करें और कजरी तीज की कथा सुनें। इससे दांपत्य जीवन मधुर होगा।

सिंह राशि

माता को पेड़े का भोग लगाएं और श्रद्धापूर्वक ‘श्री पार्वती चालीसा’ का पाठ करें। इससे घर में शांति और आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कन्या राशि


शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें और 16 श्रृंगार के सभी सामान अर्पित करें। यह आपके जीवन में सौभाग्य और सुंदरता का संचार करेगा।

तुला राशि


माता को इत्र अर्पित करें और दूध-इलायची मिश्रित खीर का भोग लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी।

वृश्चिक राशि

माता पार्वती को लाल रंग के वस्त्र, फूल या श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। यह आपकी इच्छाओं की पूर्ति में सहायक होगा।

धनु राशि

‘शिव चालीसा’ का पाठ करें और माता पार्वती को मेवों का भोग लगाएं। इससे स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों में वृद्धि होगी।

मकर राशि

इस दिन किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। यह पुण्य कर्म आपके जीवन में स्थायी सुख-शांति लाएगा।

कुंभ राशि

‘श्री पार्वती चालीसा’ का पाठ करें और भगवान शिव का अभिषेक घी से करें। इससे आपके कार्यों में सफलता मिलेगी।

मीन राशि

मेवों की खीर बनाकर माता पार्वती को अर्पित करें और ‘शिव चालीसा’ का पाठ करें। यह उपाय आपके घर में आनंद और सौहार्द का वातावरण बनाए रखेगा।

डिस्क्लेमर:
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।