महाभारत काल को मनुष्य के जीवन की सीख के लिए बहुत सही माना जाता हैं। क्योंकि महाभारत काल की हर घटना जीवन के बारे में सच्चाई को दर्शाती हैं। इस कड़ी में आज हम आपको महाभारत की उस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जब पितामह भीष्म बाणों की शैया पर लेते हुए थे और युधिष्ठिर उनसे उपदेश लेते हैं। तो आइये जानते हैं भीष्म द्वारा युद्धिष्ठिर को बताई गई उन बातों के बारे में।
1. मन को वश में रखना। 2. घमंड नहीं करना। 3. विषयों की ओर बढ़ती हुई इच्छाओं को रोकना। 4. कटु वचन सुनकर भी उतर नहीं देना। 5. मार खाने पर भी शांत व सम रहना। 6. अतिथि व लाचार को आश्रय देना।7. दूसरों की निन्दा न करना न सुनना। 8. नियमपूर्वक शास्त्र पढ़ना व सुनना। 9. दिन में नहीं सोना। 10. स्वयं आदर न चाहकर दूसरों को आदर देना। 11. क्रोध के वशीभूत नहीं रहना। 12. स्वाद के लिए नहीं स्वास्थ्य के लिए भोजन करना।