कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के इए सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का सबसे ज्यादा नुकसान प्रवासी मजदूरों को उठाना पड़ा। ये लोग काम नहीं होने की वजह से अपने गृह राज्यों के लिए पैदल ही निकल पड़े। प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा को देखते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सरकार पर हमला बोला है। मजदूरों के दर्द को दिखाने केलिए राहुल गांधी ने आज एक डॉक्युमेंट्री वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया है। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 मई को सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन मजदूरों से बातचीत की थी। इस वीडियो में उसी बातचीत के कुछ अंश डाले है।
मायावती ने कह ये बात
हालाकि, राहुल गांधी की इस वीडियो को बीएसपी (बहुजन समाज पार्टी) प्रमुख मायावती ने नाटक करार दिया है। इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के लिए भी पहले की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। आपको बता दे, बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के मुद्दे पर कांग्रेस पर लगातार हमला बोल रही है। राजस्थान सरकार द्वारा कोटा से आए छात्र-छात्राओं की घर वापसी का किराया मांगने पर जमकर बरसने के बाद अब उन्होंने लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को कसूरवार ठहराया है।
1. आज पूरे देश में कोरोना लाॅकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लम्बे शासनकाल के दौर
मायावती ने अपने ट्विटर हैंडल पर कई ट्वीट किए हैं। पहले ट्वीट में उन्होंने श्रमिकों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, 'आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लंबे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गांव/शहरों में की गई होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ता?'
वहीं दूसरे ट्वीट में यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो को लेकर मायावती ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लॉकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने संबंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।'2. वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लाॅकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने सम्बंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्या
उन्होंने आगे लिखा, 'साथ ही, बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकारें कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर, इन बेहाल घर वापसी कर रहे मजदूरों को उनके गांवों/शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर यदि अमल करती हैं तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी।'
पार्टी के लोगों से अपील करते हुए मायावती ने लिखा, 'बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गांवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है, ऐसे लोगों को अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।'4. बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गाँवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है तो ऐसे लोग














