
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक का फैंस को लंबे समय से इंतजार है। जब से फिल्म की अनाउंसमेंट हुई है, तब से ही यह प्रोजेक्ट लोगों की जुबान पर छाया हुआ है। खासकर जब यह खुलासा हुआ कि दादा का किरदार राजकुमार राव निभाएंगे, तो दर्शकों की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई। लेकिन इस फिल्म की शूटिंग इतनी आसान नहीं है — खुद राजकुमार राव इस जिम्मेदारी को गंभीरता से ले रहे हैं और किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए मेहनत में जुट गए हैं।
इस साल शुरू होनी थी शूटिंग, अब 2026 तक टली
राजकुमार राव ने यह खुद कबूल किया है कि फिल्म की शूटिंग अब अगले साल यानी 2026 में शुरू की जाएगी। पहले उम्मीद थी कि 2025 में ही कैमरा रोल हो जाएगा, लेकिन अभिनेता ने बायोपिक की तैयारी को देखते हुए अतिरिक्त वक्त मांगा है। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि जब दर्शक मुझे दादा के रोल में देखें, तो उन्हें लगे कि वही मैदान पर लौट आए हैं।"
सौरव गांगुली से अब तक नहीं की मुलाकात
दिलचस्प बात ये है कि अब तक राजकुमार राव ने सौरव गांगुली से मुलाकात नहीं की है, और इसके पीछे की वजह जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे। राव ने बताया कि वह जानबूझकर दादा से अभी नहीं मिल रहे, क्योंकि वह पहले खुद को इस किरदार के लिए अंदर से पूरी तरह तैयार करना चाहते हैं। "जब मैं उनसे मिलूं तो मेरी बॉडी लैंग्वेज, सोच और एक्सप्रेशन में वही आत्मविश्वास हो जो दादा में था," राजकुमार ने कहा।
लेफ्ट हैंडेड बैटिंग की कर रहे जमकर प्रैक्टिस
हालांकि राजकुमार राव पहले से ही क्रिकेट खेलना जानते हैं, लेकिन सौरव गांगुली की स्टाइल को अपनाने के लिए उन्हें बाएं हाथ से बैटिंग सीखनी पड़ रही है — और यह उनके लिए बड़ी चुनौती है। "दादा के फ्लिक शॉट्स और कवर ड्राइव्स जैसे सिग्नेचर शॉट्स सीखना किसी चुनौती से कम नहीं है," उन्होंने बताया। इसीलिए फिल्म की शूटिंग को थोड़ा पोस्टपोन कर दिया गया है ताकि स्क्रीन पर जब राजकुमार राव दिखाई दें तो दर्शकों को लगे कि सच में गांगुली वापस आ गए हैं।
स्क्रिप्ट और तैयारी को देना है समय
राव ने यह भी कहा कि स्क्रिप्ट पर अभी काम चल रहा है और वह चाहते हैं कि जब फिल्म पर्दे पर आए तो दर्शकों को सिर्फ एक बायोपिक न लगे बल्कि दादा की जिंदगी की असल झलक दिखे। थिएटर के अनुभव को बेहतरीन बनाने के लिए हर एक पहलू पर बारीकी से काम हो रहा है।














